भारत में जीएसटी संग्रह: मार्च 2025 में दूसरा सबसे ऊँचा आंकड़ा

SSONI 02/04/2025

भारत में जीएसटी संग्रह: मार्च 2025 में दूसरा सबसे ऊँचा आंकड़ा

जीएसटी संग्रह का अवलोकन

भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) संग्रह 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.9% अधिक है। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक जीएसटी संग्रह है। सबसे अधिक जीएसटी संग्रह अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया था।

इस वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू लेनदेन में मजबूती और आयातित वस्तुओं पर जीएसटी संग्रह में वृद्धि है। मार्च में घरेलू लेनदेन से 1.49 लाख करोड़ रुपये (8.8% वृद्धि) और आयात से 46,919 करोड़ रुपये (13.56% वृद्धि) का संग्रह हुआ।

जीएसटी संग्रह का विस्तृत विवरण

1. जीएसटी के विभिन्न घटकों में संग्रह

जीएसटी संग्रह को चार मुख्य भागों में बांटा गया है:

  • केंद्रीय जीएसटी (CGST): 38,145 करोड़ रुपये
  • राज्य जीएसटी (SGST): 49,891 करोड़ रुपये
  • एकीकृत जीएसटी (IGST): 95,853 करोड़ रुपये
  • सेस (Cess): 12,253 करोड़ रुपये

2. रिफंड के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह

  • मार्च 2024 में कुल रिफंड: 19,615 करोड़ रुपये (41% की वृद्धि)
  • रिफंड घटाकर शुद्ध जीएसटी संग्रह: 1.76 लाख करोड़ रुपये (पिछले साल की तुलना में 7.3% अधिक)

जीएसटी क्या है? इसकी स्थापना और महत्व

जीएसटी का परिचय

जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) भारत में 1 जुलाई 2017 से लागू एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है। यह “एक देश, एक कर” की अवधारणा पर आधारित है, जिसने पहले के कई अलग-अलग करों (जैसे वैट, सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी आदि) को समाप्त कर दिया।

जीएसटी के प्रमुख उद्देश्य

  • कर प्रणाली को सरल बनाना
  • कर चोरी को कम करना
  • व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business)
  • राज्यों और केंद्र के बीच कर राजस्व का उचित बंटवारा

जीएसटी के चार स्लैब

जीएसटी में वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग दरें लागू हैं:

जीएसटी स्लैब दर (%) उदाहरण
0% (शून्य दर) 0% बुनियादी खाद्य पदार्थ (गेहूं, चावल, दूध आदि)
5% 5% पैक्ड फूड, ट्रांसपोर्ट सेवाएं
12% 12% प्रोसेस्ड फूड, कपड़े, होटल सेवाएं
18% 18% इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, रेस्तरां सेवाएं
28% 28% लक्जरी आइटम (कारें, सिनेमा, तंबाकू उत्पाद)

जीएसटी संग्रह में वृद्धि के कारण

1. वित्तीय वर्ष के अंत में व्यापारिक गतिविधियों में तेजी

विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च में कंपनियां वित्तीय वर्ष के अंत में अधिक बिक्री करती हैं, जिससे जीएसटी संग्रह बढ़ता है।

2. ई-इनवॉइस और तकनीकी सुधार

ई-इनवॉइसिंग और जीएसटी पोर्टल के सुधार से कर अनुपालन बेहतर हुआ है, जिससे संग्रह में वृद्धि हुई।

3. आयात और निर्यात में वृद्धि

आयातित वस्तुओं पर जीएसटी संग्रह 13.56% बढ़कर 46,919 करोड़ रुपये हुआ, जो अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत है।

जीएसटी का भविष्य और चुनौतियाँ

भविष्य की संभावनाएं

  • डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन जीएसटी फाइलिंग को बढ़ावा
  • छोटे व्यवसायों के लिए सरलीकृत जीएसटी प्रक्रिया
  • कर चोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी

मुख्य चुनौतियाँ

  • कुछ उद्योगों के लिए जीएसटी दरें जटिल
  • छोटे व्यापारियों को अनुपालन में कठिनाई
  • कर विवादों का बढ़ना

मार्च 2024 में 1.96 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। जीएसटी ने कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया है, लेकिन अभी भी कुछ सुधारों की आवश्यकता है। भविष्य में, डिजिटलीकरण और सरलीकृत प्रक्रियाओं से जीएसटी संग्रह और बढ़ने की उम्मीद है।

इस प्रकार, जीएसटी ने भारत की कर प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाया है और आने वाले वर्षों में यह देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राज्य-वार जीएसटी संग्रह में वृद्धि

वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024-मार्च 2025 में, कुल जीएसटी संग्रह 22.08 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वार्षिक आधार पर 9.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, विभिन्न राज्यों में वृद्धि दर में काफी अंतर देखने को मिला।

महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में वृद्धि दर -1 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच रही—जो मार्च महीने के लिए एक असामान्य प्रवृत्ति है। मणि ने कहा, “इन राज्यों में क्षेत्रीय वृद्धि और अनुपालन प्रवृत्तियों का विश्लेषण करके इस अंतर के कारणों को समझने की आवश्यकता है।”

केपीएमजी इन इंडिया के पार्टनर और अप्रत्यक्ष कर प्रमुख, अभिषेक जैन ने बताया कि जीएसटी राजस्व में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि आर्थिक स्थिरता और व्यवसायों द्वारा बेहतर कर अनुपालन दोनों को दर्शाती है। जैन ने कहा, “वित्तीय वर्ष के अंत में समायोजन और समाधान प्रक्रिया चल रही है, इसलिए आने वाले समय में मासिक संग्रह में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।”

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